भारतीय घरेलू क्रिकेट के दिग्गज और पूर्व ओपनर बल्लेबाज वसीम जाफर को हैदराबाद क्रिकेट टीम का नया मेंटोर नियुक्त किया गया है। बेहतरीन बल्लेबाजी तकनीक के लिए मशहूर जाफर अगले दो साल तक इस पद पर रहेंगे और टीम की कमियों को सुधारने का काम करेंगे। बता दें कि वसीम जाफर भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।
HCA के सचिव टी. बसवराजू ने की खबर की पुष्टि
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) के सचिव टी. बसवराजू ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि डील लगभग फाइनल हो चुकी है, बस कुछ तकनीकी कागजी कार्रवाई बची है। इसकी आधिकारिक घोषणा कल (30 जून) की जाएगी। वसीम जाफर टीम के कोचिंग स्टाफ के साथ मिलकर काम करेंगे। पिछले साल टीम के हेड कोच टी. रवि तेजा थे, लेकिन इस सीजन के लिए कोचिंग स्टाफ का फैसला होना अभी बाकी है।
अंबाती रायुडू की वजह से वसीम जाफर को बनाया गया है मेंटोर
माना जा रहा है कि जाफर को मेंटोर बनाने के फैसले के पीछे पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंबाती रायुडू का हाथ है। रायुडू को हाल ही में हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन का 'डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट' नियुक्त किया गया है और उन्हें क्रिकेट से जुड़े सभी बड़े फैसले लेने का अधिकार दिया गया है। यह फैसला पूरी तरह से रायुडू की पसंद पर आधारित है। जाफर के आने से हैदराबाद क्रिकेट को एक नई उम्मीद मिली है। बता दें कि पिछले कुछ सालों में घरेलू क्रिकेट में हैदराबाद का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था।
जाफर के पास है कोचिंग का काफी अनुभव
48 वर्षीय वसीम जाफर के पास घरेलू क्रिकेट में कोचिंग का बहुत अच्छा अनुभव है। उन्होंने भारत के लिए 31 टेस्ट और 2 वनडे मैच खेले हैं। वह पहले उत्तराखंड टीम के मुख्य कोच के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा, पिछले सीजन में उन्होंने विदर्भ की टीम के लिए बल्लेबाजी सलाहकार के तौर पर काम किया था। जाफर इंटरनेशनल लेवल पर बांग्लादेश की नेशनल टीम और आईपीएल (IPL) में पंजाब किंग्स के साथ भी कोचिंग स्टाफ के रूप में काम कर चुके हैं।
दो बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीत चुकी है हैदराबाद की टीम
हैदराबाद की टीम का इतिहास बहुत शानदार रहा है और वह दो बार (1937-38 और 1986-87) रणजी ट्रॉफी का खिताब जीत चुकी है। हालांकि, पिछले कुछ सालों से घरेलू क्रिकेट में टीम कुछ खास कमाल नहीं कर पाई है। साल 2025-26 की रणजी ट्रॉफी में हैदराबाद की टीम एलीट ग्रुप-बी में चौथे स्थान पर रही थी। इसके अलावा, विजय हजारे वनडे ट्रॉफी में भी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जहाँ वह अपने ग्रुप में छठे नंबर पर रही और क्वार्टर फाइनल में जगह नहीं बना पाई।
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